Tuesday, March 31, 2015

अजीब चीज़ बनाई है व्हाट्स अप...............


हर आदमी मोबाइल की माला रहा है जप। 
घर के ज़रूरी  काम भी होने लगे हैं ठप।। 
कैसे सुबह से शाम हुई कुछ पता नहीं,
ऐसी अजीब चीज़ बनाई है व्हाट्स अप।। 
-कुँवर कुसुमेश 

8 comments:

  1. अन्तर्राष्ट्रीय नूर्ख दिवस की हार्दिक मंगलकामनाओं के आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार (01-04-2015) को “मूर्खदिवस पर..चोर पुराण” (चर्चा अंक-1935 ) पर भी होगी!
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    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. आज का सच...बहुत सुन्दर

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  3. सोलह आना सच..

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  4. बहुत ख़ूब...अब तो घर के सदस्यों से भी व्हाट्स अप पर ही बात होती है..

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  5. सही कहा..बहुत सुंदर

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  6. वाह वाह ..क्या खूब लिखा

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