Sunday, October 31, 2010

29 comments:

  1. छंद में सुसंयोजित एक सुंदर कविता।...शुभकामनाएं।

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  2. वाह एक दम दीवाली सा महुल बना दिया है। कार्तिक के अमावस में प्रकाश का मेला। सुंदर कविता, उतना ही सुंदर शब्द संयोजन।

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  3. बहुत अच्छा लिखा है...
    आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं.

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  4. .

    दिवाली के शुभ अवसर पर इस बहतरीन रचना के लिए आभार।

    .

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  5. बहुत सुंदर ...

    आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ...

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  6. बहुत सुन्दर ...दीपावली की शुभकामनाएं

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  7. उम्दा कविता ....पढ़कर मन ख़ुश और दीवालीमय हो गया . इस सुंदर प्रस्तुति के लिए
    आपको आभार और दीपावली की आपको ढेरों शुभकामनाएँ...

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  8. bahut khub....
    Deewali ki bahut bahut shubkamaye....

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  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...दीपावली की शुभकामनाएं स्वीकारें. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  10. सुंदर! दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
    चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
    हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
    अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
    प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो

    राजभाषा हिन्दी पर – कविता में बिम्ब!
    मनोज पर -देसिल बयना’

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  11. दीपपर्व की हार्दिक शुभकामनाऍं।

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  12. बहुत सुन्दर लिखा है ... कविता रौशनी पर और दिवाली पर बहुत सुन्दर.. कल दिवाली पर यह कविता चर्चामंच पर होगी..

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  13. आपकी कविता पढते पढते स्वयं को प्रकाश से सराबोर पाया. देखते देखते पटाखे और अनार रंग बिखेरने लगे...कविता समाप्ति पर ही पता चला कि मैं कोई कविता पढ़ रहा था. आपने दिवाली का चित्रण इतना सजीव किया है कि मेरे शब्द ना तो पटाखों की सी छटा बिखेर सकते हैं और ना ही उतनी रोशनी. आपको दिवाली की बहुत बहुत बधाई. अश्विनी रॉय

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  14. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं. ....
    बहुत सुन्दर लिखा है .... पढ़कर मन ख़ुश हो गया !

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  15. इस ज्योति पर्व का उजास
    जगमगाता रहे आप में जीवन भर
    दीपमालिका की अनगिन पांती
    आलोकित करे पथ आपका पल पल
    मंगलमय कल्याणकारी हो आगामी वर्ष
    सुख समृद्धि शांति उल्लास की
    आशीष वृष्टि करे आप पर, आपके प्रियजनों पर

    आपको सपरिवार दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं.
    सादर
    डोरोथी.

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  16. बहुत सुन्दर ........

    आपको एव आपके परिवार को दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं!

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  17. दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

    5.5/10

    प्रकाश-पर्व के रंग बिखेरती पारंपरिक सुन्दर रचना

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  18. आपके दीपावली पर हार्दिक शुभकामनायें !

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  19. ज्योति पर्व के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

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  20. कुसुमेश जी,
    कुण्डलियों में आप ‘दीवाली’ का समापन ‘दीवाली’ से और ‘फुलझड़ियाँ’ का अन्त ‘फुलझड़ियाँ’ पर निभा सके, यह देखकर अच्छा लगा। मुकम्मल छंद...!

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  21. सराहनीय लेखन........हेतु बधाइयाँ...ऽ. ऽ. ऽ
    चिठ्ठाकारी के लिए, मुझे आप पर गर्व।
    मंगलमय हो आपको, सदा ज्योति का पर्व॥
    सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

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  22. आपको एवं आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  23. कुसुमेश जी,

    आपकी पंक्तियाँ पढ़ कविवर भूषण की पंक्तियाँ याद आ गयी ....
    ऐल फ़ैल खैल भैल, खलक में गैल गैल
    सजन की ठेल पैल ,सैल उसलत हैं ....(ठीक से याद नहीं अब )

    सजे धजे घर द्वार पटाखे तड़ तड़ तड़ तड़
    बच्चों की है मौज मची है हड़ बड़ हड़ बड़
    वाह बहुत सुंदर ......

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  24. दीपावली की रौनक़ में
    यक़ीनी तौर पर इज़ाफा करती हुई
    आपकी ये खूबसूरत कुण्डलियाँ
    हर पढने वाले को सुकून बख्श रही हैं .....

    मुबारकबाद

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  25. आपकी कुंडलियों का प्रकाश दिवाली की तरह फ़ैल रहा है .... आपको बहुत बहुत मुबारक ये दीपावली ...

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  26. कल 26/10/2011 को आपकी कोई एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है, दीपोत्‍सव की अनन्‍त शुभकामनाएं . धन्यवाद!

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  27. आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएँ!

    सादर

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  28. Bahut sunder,
    apko S-PARIWAR deep parw ki hardik subhkamnaye.

    Sadar
    Ravi Rajbhar

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