Sunday, December 18, 2011

सच-झूठ पर दोहे


कुँवर कुसुमेश

सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.

उन्नति करते जा रहे,अब झूठे-मक्कार.
होगा जाने किस तरह,सच का बेड़ा पार.

झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.

सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज.

सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.
*****

85 comments:

  1. यथार्थ का सटीक अंकन

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  2. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.

    बहुत बेबाकी से आप अपनी संवेदनाओं और अनुभूतियों को पेश कर देते है. एक दम सीधी और सच्ची बात.

    बहुत आभार इतनी सुंदर रचना से रूबरू करने के लिए.

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  3. उन्नति करते जा रहे,अब झूठे-मक्कार.
    होगा जाने किस तरह,सच का बेड़ा पार.
    सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज.
    सुन्दर एवं सटीक दोहे! बेहद ख़ूबसूरत! उम्दा प्रस्तुती!

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  4. यथार्थ का सटीक चित्रण किया है आपने .........सच तो दिन प्रतिदिन दम तोड़ रहा है झूठ तरक्की कर रहा है

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  5. kunwar sahab sach ko bachane ki muhim mem bade kamgar hain ye dohe...... bahut achhe ....

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  6. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    शानदार सन्देश

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  7. विलक्षण दोहे... बहुत सुन्दर....

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  8. आपका पोस्ट अच्छा लगा । मेरे नए पोस्ट "खुशवंत सिंह" पर आपकी प्रतिक्रियायों की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । धन्यवाद ।

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  9. सत्यम शिवम् सुंदरम ....

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  10. बस नतमस्तक हूं। आपके क़लम में जादू है।
    एक शे’र याद आ गया

    झूठे सिक्के चल रहे सच्चाई की हाट
    सच्चाई के घर मिली केवल टूटी खाट।

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  11. बेहतरीन. अविस्मरणीय

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  12. सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज.

    बेहतरीन....सटीक दोहे

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  13. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    बेहतरीन.

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  14. सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज
    ...............बेहतरीन!

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  15. आज के परिवेश में सच और झूठ को परिभाषित करते सार्थक दोहे .. बहुत सटीक और सुन्दर प्रस्तुति

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  16. आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा आज दिनांक 19-12-2011 को सोमवारीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

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  17. बेहतरीन दोहे!!

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  18. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.

    हमेशा की तरह सार्थक दोहे

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  19. बहुत बढ़िया संदेश देते दोहे.
    सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.
    अपने आप में पूरी कथा है.

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  20. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान...per ant mein lahoo pukarega

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  21. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    yahi kamna hai..... satyam sundram

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  22. दोहों में सच्चाई का दर्द महसूस किया जा सकता है।

    ये कैसा अंधेर है, कैसा अजब विधान,
    सच की गर्दन झुक गई, झूठ दिखाए शान।

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  23. नीतिपरक दोहे, यथार्थ का वर्तमान परिवेश में सटीक चित्रण है.

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  24. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    सटीक और सार्थक अभिव्यक्ति ..

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  25. आपकी पोस्ट आज की ब्लोगर्स मीट वीकली (२२) में शामिल की गई है /कृपया आप वहां आइये .और अपने विचारों से हमें अवगत करिए /आपका सहयोग हमेशा इसी तरह हमको मिलता रहे यही कामना है /लिंक है

    http://hbfint.blogspot.com/2011/12/22-ramayana.html

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  26. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान |
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान ||
    सच और झूठ का सही चित्रण करने के लिए ढेरों शुभकामनाएं |

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  27. आज के सन्दर्भ के सार्थक दोहे .तल्खियां और सच्चाइयों से भरपूर .बधाई इस सुन्दर सौदेश्य लेखन के लिए .

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  28. वाह ...बहुत खूब ।

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  29. सटीक अभिव्यक्ति ..
    ढेरों शुभकामनाएं |

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  30. उन्नति करते जा रहे,अब झूठे-मक्कार.
    होगा जाने किस तरह,सच का बेड़ा पार.

    waah...bahut khub....satik

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  31. sacchai ki dagar wakai kathin hai..is par chalne ke liye hausle kee jarurat hai..behtarinrachna..dhero shubhkamnaon ke sath

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  32. वाह..! सर जी एक से बढ़कर एक दोहे !
    यथार्थ को आईना दिखाते हैं !

    बहुत सुंदर !
    आभार !

    मेरी नई रचना "तुम्हे भी याद सताती होगी"

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  33. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    दोहों में सच्चाई है... सार्थक अभिव्यक्ति...

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  34. सभी दोहे ज़िन्दगी की तल्ख सच्चाई बयाँ कर रहे हैं…………शानदार दोहे।

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  35. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.
    सार्थक अभिव्यक्ति...

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  36. सभी दोहे ज़िन्दगी की सच्चाई बयाँ कर रहे हैं,बहुत सुंदर आभार !

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  37. झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
    सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.
    Bahut hee badhiya panktiyan! Waise to pooree rachana hee behad achhee hai!

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  38. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.
    ...यथार्थ का सटीक चित्राकन

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  39. वाह! बहुत सुंदर दोहे....
    सादर बधाई...

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  40. बहुत ही बेहतरीन और सटीक दोहे... आभार

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  41. ## सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज. ##

    This was best..
    creativity at its full height..
    Loved them !!

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  42. सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज.

    सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    आमीन....!!

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  43. वाह बहुत सुन्दर ..सच झूठ पर दोहे कमाल के लिखे हैं ..

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  44. दोहे लिखने में आपका कोई जबाब नही!!!!!!!बहुत खूब,सुंदर प्रस्तुति

    मेरी नई पोस्ट की चंद लाइनें पेश है....

    आफिस में क्लर्क का, व्यापार में संपर्क का.
    जीवन में वर्क का, रेखाओं में कर्क का,
    कवि में बिहारी का, कथा में तिवारी का,
    सभा में दरवारी का,भोजन में तरकारी का.
    महत्व है,...
    पूरी रचना पढ़ने के लिए काव्यान्जलि मे click करे

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  45. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.
    बहुत सुंदर ....

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  46. आपके दोहों ने सच के रूप को और चमका दिया !
    हमेशा की तरह सुन्दर और मारक !
    आभार !

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  47. sach par chalane ki himmat aur badha di aapke dohon ne...

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  48. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.
    अति सुंदर ....

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  49. भीतर मक्कारी भरी,बाहर देता दोष
    घुटना-मरना नियती,जिसको न हो होश

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  50. झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
    सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.

    ....बहुत सुंदर दोहे..

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  51. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    sundar aur jeevnopyogi dohe.

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  52. बढ़िया दोहे,...सुंदर पोस्ट,....

    मेरी नई पोस्ट के लिए काव्यान्जलि मे click करे

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  53. ब्लॉग पर आगमन और समर्थन प्रदान करने का आभार, धन्यवाद.

    बहुत सुन्दर रचना, सुन्दर भावाभिव्यक्ति , बधाई.

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  54. झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
    सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.
    waah! kitna unnat drishtikon hai...


    behad khoobsurat rachna...

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  55. Satay Vachan .....sir ji! Sabhi dohe ek se badhkar ek hain!

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  56. झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
    सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.

    Very true! all Dohes are very nice!


    Still I feel .....jhoonthe ka munh kala hi hota hai!

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  57. सच्चाई फुटपाथ पर, बैठी लहू-लुहान.
    झूठ निरंतर बढ़ रहा,निर्भय सीना तान.

    Very true! sabhi dohe behad umda hain!

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  58. Kunwar Kushumesh ji,
    Apki is post ke liye Apko Abhar!

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  59. बहुत ही बेहतरीन और सटीक दोहे| धन्यवाद|

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  60. क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !
    मेरे नये पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/
    http://seawave-babli.blogspot.com/

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  61. Wonderful ! Thanks for sharing .

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  62. सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज.

    सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.

    bahut sundar abhaar Kushmesh ji.

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  63. सच और झूठ को दोहों की बंदिश में बाँध दिया आपने .. लाजवाब ...

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  64. बिलकुल जीवन की सत्यता को उजागर करती पोस्ट.... सुंदर प्रस्तुति.

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  65. बहुत ही सुंदर भावों का प्रस्फुटन देखने को मिला है । मेरे नए पोस्ट उपेंद्र नाथ अश्क पर आपकी सादर उपस्थिति की जरूरत है । धन्यवाद ।

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  66. बहुत ही सटीक दोहे!
    क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें !

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  67. सच्चाई का सत्यतापूर्ण वर्णन इससे आगे कुछ भी कहना कुछ न कहने के समान होगा ।

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  68. ये पढ़कर मुझे ये लाइन याद आ रही है किसी शायर की..........
    सच घटे या बढ़े सच ना रहे,
    झूठ की कोई इंतेहा ही नहीं.

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  69. gajab ke dohe sach ka aaina dikhate hue.padhne me let ho gai maaf kijiyega.

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  70. सच पर चलने की हमें,हिम्मत दे अल्लाह.
    काँटों से भरपूर है, सच्चाई की राह.puri trh se shmt.

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  71. झूठ तुम्हारे हो गए,कितने लम्बे पैर.
    सच की इज़्ज़त दांव पर, राम करेंगे खैर.
    ये ही दोहावली है हमारे वक्त की आवाज़ .आज का यथार्थ .

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  72. आपकी इस शानदार प्रस्तुति को पढकर आनन्द आ गया है जी.

    मेरे ब्लॉग पर आपने आकर अपने सुवचनो से जो
    मेरा उत्साह बढ़ाया उसके लिए तहे दिल से आभार
    आपका.

    आनेवाले नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  73. वाह! बहुत ही उम्दा दोहे है ,पहली बार आप के ब्लॉग पर आना हुआ ख़ुशी हुई यहाँ आ कर

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  74. सच के मुँह तक से नहीं, निकल रही आवाज़.
    मगर झूठ के शीश पर,हरदम सोहे ताज...

    A bitter truth !

    .

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  75. रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । नव वर्ष -2012 के लिए हार्दिक शुभकामनाएं । धन्यवाद ।

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  76. बहुत सुंदर प्रस्तुती बेहतरीन दोहे ,.....
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाए..

    नई पोस्ट --"काव्यान्जलि"--"नये साल की खुशी मनाएं"--click करे...

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  77. आपको और आपके परिवार को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  78. कुसुमेश जी आपकी इस रचना को कविता मंच पर साँझा किया गया है

    http://kavita-manch.blogspot.in

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