Saturday, December 31, 2011

नया साल 2012 मुबारक

 
कुँवर कुसुमेश 

मालिक तू इत्मिनान से दैरो-हरम में है.
पर चाहने वाला तेरा दरिया-ए-ग़म में है.

सहमा हुआ है आदमी आतंकवाद से,
बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है.

चौड़ी हुई सड़क तो कई पेड़ कट गये,
पर्यावरण का नाश छुपा इस उधम में है.

रॉकेट गया है चाँद पे पानी तलाशने,
साइंस दाँ बताए कोई किस भरम में है.

अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.

उम्मीद करें आप नये साल से 'कुँवर',
इसका ही नाम दोस्तों अहले-करम में है.

शब्दार्थ:-
दैरो-हरम=मंदिर-मस्जिद, दरिया-ए-ग़म=ग़म का दरिया,
हर्फ़े-बम=बम शब्द, अहले-करम=दया करने वाला 

81 comments:

  1. जीवन की सफलता और जीवन में शांति हक़ीक़त जान लेने पर ही निर्भर है।
    शांति हमारी आत्मा का स्वभाव और हमारा धर्म है।
    शांति ईश्वर-अल्लाह के आज्ञापालन से आती है।
    नमाज़ इंसान को ईश्वर-अल्लाह का आज्ञाकारी बनाती है।
    नमाज़ इंसान को शांति देती है, जिसे इंसान तुरंत महसूस कर सकता है।
    जो चाहे इसे आज़मा सकता है और जब चाहे तब आज़मा सकता है।
    उस रब का दर सबके लिए सदा खुला हुआ है। जिसे शांति की तलाश है, वह चला आए अपने मालिक की तरफ़ और झुका दे ख़ुद को नमाज़ में।
    जो मस्जिद तक नहीं आ सकता, वह अपने घर में ही नमाज़ क़ायम करके आज़मा ले।
    पहले आज़मा लो और फिर विश्वास कर लो।
    पहले आज़मा लो और फिर विश्वास कर लो।

    नया साल आ गया है,
    नए मौक़े लेकर आया है,

    सबको नव वर्ष की शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
  2. नए शेर ...नया अंदाज़ ...बेहद खूबसूरत तरीका
    नया साल सबको विश करने का

    नया साल मंगलमय हो

    ReplyDelete
  3. रॉकेट गया है चाँद पे पानी तलाशने,
    साइंस दाँ बताए कोई किस भरम में है.

    वाह!! इस सुन्दर रचना के लिए बहुत ही आभार!!

    ReplyDelete
  4. उम्मीद करें आप नये साल से 'कुँवर',
    इसका ही नाम दोस्तों अहले-करम में
    बहुत सुंदर पंक्तियाँ .....
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  5. अगले जनम की सोच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.

    वर्ष के अंत में एक अच्छी ग़ज़ल पढ़ने को मिली।
    नूतन वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं।

    ReplyDelete
  6. सहमा हुआ है आदमी आतंकवाद से,
    बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है.
    बहुत सच्चा शेर है कुसुमेश जी
    सर , मालिक इत्मीनान में नहीं है ,इंसान बना कर शायद वो भी बेचैन है कि मानव उसके बताए हुए रास्तों से भटकने क्यों लगा और
    हम भी कहाँ उसे दैर ओ हरम में चैन लेने देते हैं
    जहाँ तक बात ग़ज़ल की है ,,हमेशा की तरह बामक़सद और ख़ूबसूरत ग़ज़ल
    आप को, आप के परिवार को और आप के मित्रों को नया साल बहुत बहुत मुबारक हो .

    ReplyDelete
  7. सहमा हुआ है आदमी आतंकवाद से,
    बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है.

    चौड़ी हुई सड़क तो कई पेड़ कट गये,
    पर्यावरण का नाश छुपा इस उधम में है.
    Kya gazab kee panktiyan hain!
    Aapko aur aapke pariwaar ko naya saal bahut,bahut mubarak ho!

    ReplyDelete
  8. Typical कुंवर ग़ज़ल!
    संदेश और प्रेरणा दोनों!!
    सहमा हुआ है आदमी आतंकवाद से,
    बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है.
    लाजवाब कुंवर जी।
    आपको और आपके परिवार को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं!

    ReplyDelete
  9. उम्मीद करें आप नये साल से 'कुँवर',
    इसका ही नाम दोस्तों अहले-करम में है.

    nutan varsh ki shubhkamnaayen...

    ReplyDelete
  10. नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएँ।

    ReplyDelete
  11. नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं .....

    ReplyDelete
  12. नववर्ष की शुभकामनायें.....

    ReplyDelete
  13. समय निरंतर चलायमान है। घंटा मिनट सेकंड दिन रात सप्ताह पखवाड़ा महीना साल पैमाना है। इंसान ही इंसान की करतूतों से सहमा रहता है, यही जमाना है। नव वर्ष की बहुत बहुत बधाई एवम हार्दिक शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  14. बेहतरीन....नव वर्ष की हार्दिक शुभकानायें...

    ReplyDelete
  15. बहुत ही बेहतरीन रचना ! नव वर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  16. आपको नये साल की बहुत बहुत बधाईयाँ.

    मालिक तू इत्मिनान से दैरो-हरम में है.
    पर चाहने वाला तेरा दरिया-ए-ग़म में है.

    ये बात सिर्फ़ इस लिए सही मानी जा सकती है, की हम मान बैठते है की वो मंदिर और मस्जिद मे है.
    पर अगर हम जाने के वो इंसान के दिल मे है, तो पाएँगे की हम उसे भुला बैठे है, और हमारे ग़म का कारण भी यही है.

    ReplyDelete
  17. बहुत सुन्दर....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  18. Bahut bdhiya sir ji....

    Apko navvarsh ki hardik shubhkaamnaaye!

    ReplyDelete
  19. Respected Kunwar ji!

    Very nice! congrats!

    wish you a very Happy,peaceful and prosperous Happy new year!

    ReplyDelete
  20. उत्तम!!

    नव वर्ष पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनायें।

    -समीर लाल

    ReplyDelete
  21. सुंदर, सार्थक रचना. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
  22. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.
    बहुत सुन्दर....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  23. आप सब को भी नव-वर्ष 2012 मंगलमय हो।

    ReplyDelete
  24. बेहतरीन रचना !
    नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

    शुभकामनओं के साथ
    संजय भास्कर
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    ReplyDelete
  25. आपको और परिवारजनों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
  26. नए वर्ष के पहले दिन बहुत सुंदर उपहार आपकी इस रचना के रूप में मिला...वाकई पर्यावरण के प्रति मानव उतना सजग नहीं है जितना होना चाहिए.

    ReplyDelete
  27. आप तथा आपके परिवार के लिए नववर्ष की हार्दिक मंगल कामनाएं
    आपके इस सुन्दर प्रविष्टि की चर्चा कल दिनांक 02-01-2012 को सोमवारीय चर्चा मंच पर भी होगी। सूचनार्थ

    ReplyDelete
  28. चौड़ी हुई सड़क तो कई पेड़ कट गये,
    पर्यावरण का नाश छुपा इस उधम में है.

    बहुत अच्छी रचनाएँ...नव वर्ष मंगलमय हो,शुभकामनाएँ!!

    ReplyDelete
  29. हर क्षण मंगलमय हो..

    ReplyDelete
  30. नव वर्ष की शुभकामनाएं .

    ReplyDelete
  31. बहुत सटीक प्रस्तुति..आप को सपरिवार नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  32. लाजवाब रचना... नववर्ष की हार्दिक शुभ-कामनाएं...

    ReplyDelete
  33. आप को सपरिवार नव वर्ष 2012 की ढेरों शुभकामनाएं.

    इस रिश्ते को यूँ ही बनाए रखना,
    दिल मे यादो क चिराग जलाए रखना,
    बहुत प्यारा सफ़र रहा 2011 का,
    अपना साथ 2012 मे भी इस तहरे बनाए रखना,
    !! नया साल मुबारक !!

    आप को सुगना फाऊंडेशन मेघलासिया, आज का आगरा और एक्टिवे लाइफ, एक ब्लॉग सबका ब्लॉग परिवार की तरफ से नया साल मुबारक हो ॥


    सादर
    आपका सवाई सिंह राजपुरोहित
    एक ब्लॉग सबका

    आज का आगरा

    ReplyDelete
  34. बहुत अच्छी गज़ल ... नव वर्ष की शुभकामनायें

    ReplyDelete
  35. नव-वर्श कि अनेको शुभ कामनाए ……

    ReplyDelete
  36. उम्मीद करें आप नये साल से 'कुँवर',
    इसका ही नाम दोस्तों अहले-करम में है.
    जी हाँ उम्मीद पे दुनिया कायम है .उम्मीदी ही जीवन है .जीवन है भी आगे की ओर पीछे रुका हुआ पानी है .यही जीवन की रवानी है .

    ReplyDelete
  37. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.


    बहुत सुन्दर....नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  38. आपको और परिवारजनों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ| वैसे उम्मीद पर ही दुनिया कायम है इसमे तो कोई शक नही

    ReplyDelete
  39. nav varsh ki behtreen prastuti.kuch vyastta ke karan der se padhi.
    aapko aapke parivaar ko nav varsh mubarak ho.

    ReplyDelete
  40. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.
    बहुत खूब ... नववर्ष की अनंत शुभकामनाएं ।

    ReplyDelete
  41. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.
    सटीक व्यंग्य इस दौर पर .

    ReplyDelete
  42. Kuwer Sahab Bahut acchi prastuti......
    new year ke avser per bahut hi sartahk aur vicharniya post ke liye aapka bahut bahut badhai

    ReplyDelete
  43. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.
    bahut sundar...

    happy new year ...

    ReplyDelete
  44. बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है....

    बहुत सुन्दर गज़ल सर, वाह! वाह! सादर बधाई और नूतन वर्ष की सादर शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  45. शानदार प्रस्तुति…………
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं.

    ReplyDelete
  46. बहुत अच्छी रचना .. नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनाएं

    ReplyDelete
  47. सुंदर, सार्थक रचना.
    नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
  48. नववर्ष पर कई बातो को उजागर करती बेहतरीन प्रस्तुती है...
    नववर्ष कि बहूत बहूत शुभकामनाये

    ReplyDelete
  49. बहुत सटीक प्रस्तुति
    मालिक तू इत्मिनान से दैरो-हरम में है.
    पर चाहने वाला तेरा दरिया-ए-ग़म में है.
    .नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  50. आपको एवं आपके परिवार को नए वर्ष की ढेरों शुभकामनाएं !

    ReplyDelete
  51. वाह वाह....
    बढ़िया शेर..
    नव वर्ष मंगलमय हो...

    ReplyDelete
  52. बेहतरीन , जमीन से जुड़ी गज़ल ...

    ReplyDelete
  53. बहुत खूबसूरत गज़ल ..सार्थक सन्देश देती हुई ..

    नव वर्ष की शुभकामनायें

    ReplyDelete
  54. बढिया है. नववर्ष मंगलमय हो.

    ReplyDelete
  55. प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट " जाके परदेशवा में भुलाई गईल राजा जी" पर आपके प्रतिक्रियाओं की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । नव-वर्ष की मंगलमय एवं अशेष शुभकामनाओं के साथ ।

    ReplyDelete
  56. अगले जनम की सोंच के सिहरन-सी हो गई,
    कुछ इस तरह का दर्द मिला इस जनम में है.

    बहुत खूब! आपने सबके मन की बात कह दी !
    नव वर्ष की ढेरो शुभकामनाएँ !
    आभार !

    ReplyDelete
  57. चौड़ी हुई सड़क तो कई पेड़ कट गये,
    पर्यावरण का नाश छुपा इस उधम में है....

    सच कहा है ... हर शेर में सच कहा है आपने ... गज़ब का लिखा है ...
    आपको नया साल बहुत बहुत मुबारक हो ...

    ReplyDelete
  58. नव वर्ष की शुभकामनाएँ !

    ReplyDelete
  59. बेहद खूबसूरत तरीका नया साल सबको विश करने का|
    नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ|

    ReplyDelete
  60. बहुत अच्छी प्रस्तुति,मन की भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति ......
    WELCOME to--जिन्दगीं--

    ReplyDelete
  61. आपकी प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट "तुझे प्यार करते-करते कहीं मेरी उम्र न बीत जाए" पर आपका इंतजार रहेगा । धन्यवाद

    ReplyDelete
  62. बहुत बढिया प्रस्तुति, सुंदर अभिव्यक्ति ......
    WELCOME to--जिन्दगीं--

    ReplyDelete
  63. सहमा हुआ है आदमी आतंकवाद से |
    बम से ज़ियादा खौफ़ छुपा हर्फ़े-बम में है ||
    sachchaai kah di hai aapne.

    ReplyDelete
  64. कल 11/01/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, उम्र भर इस सोच में थे हम ... !

    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  65. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  66. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  67. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  68. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  69. आपकी यह प्रस्तुति कैसे रह गयी पढ़ने से ? आज हलचल से यहाँ आना हुआ .. बहुत खूबसूरत गज़ल है .. नव वर्ष की शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  70. आपकी प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट "लेखनी को थाम सकी इसलिए लेखन ने मुझे थामा": पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद। .

    ReplyDelete
  71. ग़ज़ल की ख़ूबसूरती
    खुद बातें करती है ...
    और आपकी हर ग़ज़ल से बातें करना
    बहुत अच्छा लगता है ...
    वाह !

    ReplyDelete
  72. वाह! बहुत सुन्दर जी.

    बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ आपको.

    आभार.

    ReplyDelete
  73. आपकी पोस्ट आज की ब्लोगर्स मीट वीकली (२६) मैं शामिल की गई है /आप मंच पर आइये और अपने अनमोल सन्देश देकर हमारा उत्साह बढाइये /आप हिंदी की सेवा इसी मेहनत और लगन से करते रहें यही कामना है /आभार /लिंक है
    http://www.hbfint.blogspot.com/2012/01/26-dargah-shaikh-saleem-chishti.html

    ReplyDelete