Wednesday, November 19, 2014

एक गुज़ारिश.....................


जब भी जाड़ों में बाहर चला कीजिये,
कुछ पुराने-से कपड़े रखा कीजिये।
ठण्ड से कंपकांपता जो कोई दिखे,
प्लीज,उसको ये कपड़े दिया कीजिये।
-कुँवर कुसुमेश 

3 comments:

  1. ... बेहद प्रभावशाली अभिव्यक्ति है ।

    ReplyDelete