Wednesday, November 19, 2014

गेहूं के जवारे से..................................


डरना न कभी यारो किस्मत के सितारे से। 

मरता नहीं है कोई तक़दीर के मारे से।। 

सेहत बनेगी फिर से बीमारे-कैंसर की,।

ताकत मिलेगी इतनी गेहूं के जवारे से।। 

-कुँवर कुसुमेश 

9 comments:

  1. वाह! क्या बात!

    मेरे नसीब में कुछ तो लिखा हुआ होगा
    ख़्वाबे-ग़फ़लत न सही ख़्वाबे-परीशाँ होगा
    हिज़्र की शब भी ये ऐसे गुज़र ही जाएगी
    क्यूँ फ़िक़्रमंद रहूँ मैं के और क्या होगा

    -‘ग़ाफ़िल’

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  2. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (21.11.2014) को "इंसान का विश्वास " (चर्चा अंक-1804)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।

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  3. सही कहा आपने ...ला-जवाब" जबर्दस्त!!
    फुर्सत मिले तो .शब्दों की मुस्कुराहट पर आकर नई पोस्ट जरूर पढ़े....धन्यवाद :)

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  4. वाह गेहूं का सही उपयोग पता दिया आपने .. इस मुक्तक के द्वारा ...

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  5. सुंदर और स्वास्थ्यवर्धक

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  6. मुझे आपका blog बहुत अच्छा लगा। मैं एक Social Worker हूं और Jkhealthworld.com के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य के बारे में जानकारियां देता हूं। मुझे लगता है कि आपको इस website को देखना चाहिए। यदि आपको यह website पसंद आये तो अपने blog पर इसे Link करें। क्योंकि यह जनकल्याण के लिए हैं।
    Health World in Hindi

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