Saturday, August 23, 2014

दोस्ती करना संभल कर.............................


दोस्ती में भी छलावा अब है अक्सर दोस्तों। 

छल रहे हैं लोग अक्सर दोस्त बनकर दोस्तों। 

आई डी फर्जी बना कर भी चले आते हैं लोग,

फेसबुक पर दोस्ती करना संभल कर दोस्तों। 

-कुँवर कुसुमेश 

6 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (25-08-2014) को "हमारा वज़ीफ़ा... " { चर्चामंच - 1716 } पर भी होगी।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. दुरुस्त फ़रमाया आपने ..सच में एक चेहरे में कई चेहरे हैं यहाँ

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  3. बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति।

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