Tuesday, August 26, 2014

न बिजली है,न पानी है........................




ये कैसी दुर्व्यवस्था है,ये कैसी हुक्मरानी है। 

जिधर भी देखिये जाकर न बिजली है,न पानी है। 

जो कहता हूँ किसी नेता से जा करके मैं ये बातें,

तो वो कहता है हँस करके यही तो ज़िन्दगानी है।

-कुँवर कुसुमेश

7 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 28-08-2014 को मंच पर चर्चा - 1719 में दिया गया है
    आभार

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  2. हर काम को इलाज़ है उनकी नज़र में हंसी
    बहुत खूब!

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