दोहे "योग" पर
रक्तचाप,पथरी,दमा,ह्रदयरोग,मधु मेह.
दूर रहेंगे आपसे , अगर योग से नेह.
बिन औषधि बिन डॉक्टर ,मानव हुआ निरोग.
जिससे ये संभव हुआ,कहते उसको योग.
बरसों के बीमार को,दो दिन में आराम.
चाहे करके देखिये,प्रातः प्राणायाम.
यदि लगती है आपकी,तबियत थोड़ी सुस्त.
योगासन अपनाइए,बनिए चुस्त-दुरुस्त.
दवा करोड़ों व्याधि की,सिर्फ एक है 'योग'.
फिर से महिमा योग की ,जान गए अब लोग.
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