Monday, October 1, 2012
Thursday, September 13, 2012
दिखावा सब करते हैं....................
हिंदी हिंदी चीखता,रहता पूरा देश.
हिंदीमय अब तक मगर,हुआ नहीं परिवेश.
हुआ नहीं परिवेश,दिखावा सब करते हैं.
अंग्रेजी पर लोग ,न जाने क्यों मरते हैं.
निज भाषा सम्मान,करो मत चिंदी चिंदी.
कभी न वरना माफ़,करेगी तुमको हिंदी.
-कुँवर कुसुमेश
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हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाये
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चिंदी चिंदी=टुकड़े टुकड़े
Friday, August 31, 2012
चल रहे हैं लोग जलती आग पर........
कुँवर कुसुमेश
चल रहे हैं लोग जलती आग पर.
बेसुरे भी लग रहे हैं राग पर.
नज़्म अच्छी या बुरी जैसी भी हो,
वाह,कहने का चलन है ब्लॉग पर.
आदमी पर मत कभी करिये यक़ीं,
आप कर लीजे भरोसा नाग पर.
दुश्मनी का खैरमक़दम हो रहा,
और डाका प्यार पर,अनुराग पर.
भ्रष्ट नेता आज हिन्दुस्तान के,
ख़ुश बहुत दामन के अपने दाग पर.
दूसरों के काम तो आओ कभी,
है 'कुँवर' हमको भरोसा त्याग पर.
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खैरमक़दम=स्वागत
Sunday, August 19, 2012
Tuesday, August 14, 2012
Tuesday, August 7, 2012
Friday, July 27, 2012
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